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AstroShaliini

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ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि

मित्रों, तारीख 14 जून 2026 दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है।। आज ही श्राद्ध आदि की अमावस्या भी है। आज चतुर्दशी तिथि में यदि श्राद्ध की अमावस्या मनाने….. का योग हो तो ऐसे समय में पितृदोष की शान्ति कर्म करवाने से सम्पूर्ण रूप से लाभ होता ही...

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि

मित्रों, तारीख 14 जून 2026 दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है।। आज ही श्राद्ध आदि की अमावस्या भी है। आज चतुर्दशी तिथि में यदि श्राद्ध की अमावस्या मनाने….. का योग हो तो ऐसे समय में पितृदोष की शान्ति कर्म करवाने से सम्पूर्ण रूप से लाभ होता ही...

प्रसाद बाएं हाथ से क्यों नहीं चढ़ाना और लेना चाहिए? जानें धार्मिक कारण🕉️

🕉️प्रसाद बाएं हाथ से क्यों नहीं चढ़ाना और लेना चाहिए? जानें धार्मिक कारण🕉️===============================〰️🌼〰️〰️〰️🌼〰️⭕हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और उसमें अपनाए जाने वाले नियमों का बहुत महत्व है. इनमें से एक नियम यह है कि प्रसाद हमेशा दाहिने हाथ से स्वीकार किया जाए. लोग...

🕉️बुरी नजर से रक्षा या शिव-शक्ति का प्रतीक, क्यों अधूरा है काले मोतियों के बिना मंगलसूत्र

🕉️बुरी नजर से रक्षा या शिव-शक्ति का प्रतीक, क्यों अधूरा है काले मोतियों के बिना मंगलसूत्र?🕉️===========================〰️🌼〰️〰️〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️〰️🌼〰️〰️〰️🌼〰️⭕हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र बंधन माना गया है। इस बंधन का...

भगवद गीता का महत्व

भगवद गीता का महत्व भगवद गीता चालीसा एक भक्ति गीत है, जो भगवद गीता पर ही आधारित है. इस चालीसा के नियमित पाठ से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. साथ ही सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और व्यक्ति मोह-माया से बचा रहता है. इसके अलावा भक्त के मन में कृष्ण...

वास्तु -ज्ञान

👉वास्तु -ज्ञान दक्षिण-पश्चिम दिशा में न करवाएं ये काम वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर दक्षिण-पश्चिम दिशा मे मंदिर या पूजा घर बिल्कुल नहीं बनाना चाहिए. माना जाता है कि इस दिशा में स्थापित देवी-देवता से पूजा का फल नहीं मिलता है. इस दिशा में मन एकाग्र नहीं रहता है जिसकी वजह...

वास्तु ज्ञान

👉वास्तु ज्ञान -2 अध्ययन के लिए बैठते वक्त सबसे पहले मस्तक से छुआ कर प्रणाम करें अपनी कलम को | इसके बाद अपनी पाठ्य पुस्तकों के सामने हाथ जोड़े और “ओम गुरवै नमः” मंत्र का उच्चारण करे | इस क्रिया को हर दिन बिना नागा करे और इसके उपरान्त ही पढ़ाई-लिखाई को शुरू करें | तांबे...

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